











बारिश में भीग सकता है मन
आसमाँ से मिली नमी...
उधार की बूंदों की तरह
पँखुड़ियों में
सहेजी जा सकती है....
नमी सोखने के लिए
जड़ों की जरूरत होती है....
जिस कोने में मैं खड़ी हूँ....वहाँ से ऐसा दिखता है.....
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Via chitthajagat.in
11 comments:
अच्छी तस्वीरों का संग्रह है।
नयनाभिराम चित्र...बेहद दिलकश रचना के साथ...
नीरज
नमी सोंकने के लिए
जड़ों की जरूरत होती है. yaqeenan...badi khuubsurat jagah hokey aayin hain aap.. ..:)
करेक्शन ठेलोअड: नमी 'सोखने'..
करेक्शन डन...प्रमोदजी।
जड़ें जरूरी हैं जी। चित्र मनोहर हैं।
सुन्दर चित्र.
Beautiful pic.s Beji - The First Pic of the Yellow Flowrrs is of the Butter cups ' am i correct ?
Do write their names...
rgds,
L
क्या बात है बेजी जी. Seem to have drenched yourself to the hilt. Beautiful photos ... and this one :
नमी सोंकने के लिए
जड़ों की जरूरत होती है.
वाह बेजी, क्या लजाब तस्वीरें हैं और प्रस्तुतीकरण हमेशा की तरह ...शायराना
नयनाभिराम चित्र...बेहद दिलकश रचना के साथ...
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